
कवर्धा। पिपरिया से गांगपुर के बीच निर्माणाधीन सड़क को लेकर सोशल मीडिया पर सड़क के बीच बिजली पोल दिखाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि पड़ताल में सामने आया है कि वायरल किया जा रहा वीडियो पुराना है और जिस बिजली पोल को सड़क के बीच बताया जा रहा है, उसे लोक निर्माण विभाग लगभग 20 दिन पहले ही हटा चुका है। ऐसे में पुराने वीडियो को फिर से वायरल कर सड़क निर्माण कार्य और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने की कोशिश की जा रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा कबीरधाम जिले में लगातार सड़क संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में लंबे समय से क्षेत्रवासियों की मांग रही पिपरिया-गांगपुर मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 3.80 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग 3 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, स्कूली बच्चों की यात्रा आसान होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस जैसी सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी।
सड़क निर्माण के दौरान एक वीडियो सामने आया था जिसमें सड़क के बीचों-बीच बिजली पोल दिखाई दे रहा था। हाल ही में उसी वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल कर निर्माण कार्य पर सवाल उठाए गए। मामले की पड़ताल के दौरान स्पष्ट हुआ कि जिस पोल को दिखाया जा रहा है, वह पहले ही हटाया जा चुका है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पुराने वीडियो के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की गई।
इसी बीच सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। कुछ लोगों द्वारा डामरीकरण के तुरंत बाद सड़क की ऊपरी परत को उखाड़कर गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। जबकि तकनीकी मानकों के अनुसार डामरीकरण के बाद सड़क को पूरी तरह स्थिर और मजबूत होने में निर्धारित समय लगता है।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचकर तकनीकी उपकरणों की सहायता से सड़क निर्माण की जांच कर चुके हैं, जहां सड़क की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई थी। इसके बाद भी लोक निर्माण विभाग लगातार निर्माण कार्य पर नजर बनाए हुए है ताकि मानकों के अनुरूप बेहतर गुणवत्ता वाली सड़क तैयार की जा सके।
हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने सड़क के विभिन्न हिस्सों की कोर कटिंग जांच कराई, साथ ही साथ कर्मचारी और स्थानीय लोगो से सड़क की परत को पूरी ताकत से उखाड़कर देखी गई जिसमें सड़क की परत नही उखाड़ा इससे ये पता चला कि सड़क मजबूत और गुणवत्तापूर्ण है ।
अधिकारीयों ने अलग अलग स्थानों पर कोर कटिंग से जांचा कि सड़क की मोटाई कही कुछ कम और कुछ स्थान पर अधिक मोटाई पाई गई।
इसको मान्य नहीं करते हुए भुगतान नहीं किया गया है और इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई नोटिस जारी करते हुए सड़क की मोटाई को तकनीकी मानकों के अनुरूप एकसमान मोटाई में करने के निर्देश दिए गए। शोल्डर व अन्य कार्य तत्काल पूर्ण करने के साथ ही चेतावनी दी गई कि एक समान मोटाई में सुधार नहीं हुआ तो ठेकेदार के विरुद्ध एक्शन लेकर कड़ी कार्यवाही की जावेगी।
ठेकेदार ने भी लिखित रूप से डामर की टॉप लेयर सुधार कार्य तत्काल प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है।



