रेल की रफ्तार फिर पटरी पर लाने की तैयारी, रेलवे संघर्ष समिति ने छेड़ी नई मुहिम,

प्रदीप गुप्ता कवर्धा। कवर्धा,वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ी कटघोरा–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेलवे परियोजना को फिर से गति दिलाने के लिए रेलवे संघर्ष समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के पुनर्गठन के साथ जनजागरण अभियान तेज करने और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर परियोजना को जल्द शुरू कराने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह रेलवे लाइन केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि कबीरधाम, खैरागढ़, मुंगेली और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक, औद्योगिक, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के विकास की बड़ी उम्मीद है। समिति ने तय किया कि अब आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाकर लोगों को जोड़ा जाएगा और सरकार पर परियोजना शुरू करने के लिए लगातार दबाव बनाया जाएगा।
बैठक के दौरान वर्ष 2018 का भी जिक्र हुआ, जब विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कवर्धा के करपात्री स्टेडियम में इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। उस समय लोगों में रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वर्षों बाद भी परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। सदस्यों ने कहा कि चुनाव के दौरान रेल लाइन का मुद्दा जोर-शोर से उठता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह वादा पीछे छूट जाता है।
समिति के वरिष्ठ सदस्य बंटी (मनीष) तिवारी ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। इसके लिए सांसद, विधायक, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री और रेल मंत्रालय से मुलाकात कर क्षेत्रवासियों की मांग को मजबूती से रखा जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि निखिलेश शरण सोनी ‘प्रतीक’ ने कहा कि रेलवे परियोजना पूरे अंचल की तस्वीर बदलने वाली योजना है। उन्होंने युवाओं, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को जोड़कर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की अपील की। उनका कहना था कि जब तक रेलवे लाइन का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, पत्रकार, व्यापारी और बुद्धिजीवी शामिल हुए। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगली बैठक में रेलवे संघर्ष समिति का विधिवत पुनर्गठन कर अध्यक्ष, संयोजक, महासचिव, मीडिया प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा।
बैठक के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि कटघोरा–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेलवे परियोजना को धरातल पर उतारने तक जनआंदोलन लगातार जारी रहेगा। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “कटघोरा–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेलवे लाइन बनाकर रहेंगे” के नारों के साथ बैठक का समापन हुआ





