- बालोद। बालोद जिले के ग्राम तूयेगोंदी स्थित संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध कब्जे के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज प्रदेश स्तरीय गोंड आदिवासी समाज का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन के आमंत्रण पर बालोद पहुंचा। इस दौरान कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच संवाद और शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई।

गौरतलब है कि 1 जून 2026 को सर्व आदिवासी समाज जिला बालोद द्वारा ग्राम तूयेगोंदी के संरक्षित वन क्षेत्र में कथित अवैध कब्जे और जामडी पाटेश्वर धाम संचालक बाल योगेश्वर राम बालकदास महात्यागी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील होने के कारण प्रशासन लगातार मामले पर नजर बनाए हुए था।
इसी कड़ी में प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने और जिले में सामाजिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आज बैठक आयोजित की। बैठक में प्रदेश स्तरीय गोंड आदिवासी समाज की ओर से प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में एम.डी. ठाकुर, पूर्व विधायक गुंडरदेही आर.के. राय, विष्णु देव ठाकुर, राजेश छेदावी एवं सीताराम ठाकुर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी तथा मामले में निष्पक्ष जांच और संवेदनशीलता के साथ समाधान की अपेक्षा जताई।
प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील की है। :::
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