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शहर में सट्टे का अवैध कारोबार जोरो पर, मोबाइल ऐप और हाईटेक संसाधनों के जरिए हो रही सट्टेबाजी  

एक रुपए को अस्सी रुपया बनाने के चक्कर में युवा वर्ग बर्बाद, कार्रवाई नहीं होने से खाई वालों के हौसले बुलंद

राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है सट्टे का कारोबार

बेमेतरा – शहर में इन दिनों सट्टे का अवैध कारोबार जोर शोर से चल रहा है। एक रुपए को अस्सी रुपया बनाने के चक्कर में खासकर युवा वर्ग अधिक बर्बाद हो रहे हैं । आलम यह है कि शहर के लगभग हर वार्ड में खाईवाल सक्रिय हैं । जो बेखौफ होकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे हैं । खाईवालों में

पुलिस का भी कोई डर नजर नही आता। पुलिस भी इस पूरे मामले पर अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। नगर की तंग गलियों में दर्जन भर से अधिक खाईवाल सट्टे के धंधे में लगे हुए हैं। जानकारी होने के बावजूद खाईवालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं । शहर में रोजाना में रोजाना लाखों रुपए का सट्टा खेला जा रहा है। शहर में सक्रिय खाईवालों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते खाई वालों के हौसले बुलंद है और उन पर कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही है.

सट्टा कारोबार हुआ हाईटेक, घर बैठे ऑपरेट कर रहे खाईवाल

बदलते जमाने के साथ सट्टा कारोबार भी हाईटेक होता जा रहा है । लकी नंबर पर आधारित सट्टेबाजी अब चेंज हो रहे हैं ।  सट्टा खेलने और खिलाने के तौर तरीकों में बदलाव आया है । इस काले कारोबार में हाईटेक संसाधनों का उपयोग हो रहा है ।  अब घर बैठे भी अपराधी आसानी से सट्टे के पूरे रैकेट को ऑपरेट कर सकते हैं । जिले में मोबाइल ऐप और हाईटेक संसाधनों के जरिए सट्टेबाजी का अवैध कारोबार किया जा रहा है । पहले जहां कागज पर सट्टापट्टी लिखने का पारंपरिक तरीका हुआ करता था । अब वह हाईटेक संसाधनों में परिवर्तित हो चुका है । सट्टा पट्टी के अवैध कारोबार चलाने वाले खाईवाल और उसके साथी कही से भी इसे ऑपरेट कर सकते हैं । मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया ने इसे आसान बना दिया है ।

कार्रवाई के नाम पर की जा रही सिर्फ खानापूर्ति

सट्टे का अवैध कारोबार शहर में खुलेआम संचालित हो रहा है। खाईवालों की सेटिंग इतनी तगड़ी है कि अधिकारियों को दिखाने ये खाईवाल अपने गुर्गों के नाम हर महीने एक-एक प्रकरण बनवा देते हैं। ऊपर बैठे अफसरों को लगता है पुलिस कार्रवाई कर रही है। जबकि वास्तव में यह कार्रवाई सिर्फ दिखावा और खानापूर्ति भर है।

शहर के इन स्थानों में सट्टे का अवैध कारोबार

शहर के नया बस स्टैंड पिकरी रोड स्थित चौपाटी, दुर्ग रोड पर टाकीज के पास, , वार्ड नंबर 20 ,वार्ड नंबर 21 , वार्ड क्रमांक 17, बाजार पारा, , कुर्मी पारा, मोहभठ्ठा वार्ड, कोबिया वार्ड , कपड़ा प्रेस दुकान समेत अन्य वार्डो में करीब दर्जन भर खाईवाल सक्रिय हैं । खाईवालों के चक्रव्यूह में लोग इस कदर फंस चुके हैं की इससे उबर नहींं पा रहे हैं। खाईवालों का अपना-अपना क्षेत्र बंटा हुआ है। एक-दूसरे के क्षेत्र में कोई दखल नहीं देता है।

मददगारो को हर महीने लाखों पर पहुंचा रहे खाईवाल

बेरोकटोक सट्टे के कारोबार के संचालन के लिए खाई वालों के द्वारा अपने संरक्षण कर्ताओ को हर महीने लाखो रुपए पहुंचाए जा रहे हैं । नतीजतन खाईवालों पर कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही है । महीना फिक्स होने के कारण खाईवाल बेखौफ होकर यह कारोबार कर रहे हैं । वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व उपाध्यक्ष कृषि मंडी समिति सनतधर दीवान ने कहा कि एक रुपए का 80 बनाने के चक्कर में युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है । हम सबकी जिम्मेदारी है कि समाज में सट्टा, जुआ और मदिरापान के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि भावी पीढ़ी को बचाया जा सके।

वीआईपी जोन में खुलेआम चल रहा जुआ

विधायक कार्यालय, बालक हाई स्कूल एवं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से महज 100 मीटर की दूरी पर खंडहर भवन में जुआ खेला जा रहा है। वही यहां असामाजिक तत्व नशा भी करते हैं। आलम यह है कि यहां जुआ का फड़ रोज जमता है, यहां दर्जनों जुआरी इकट्ठा होते हैं और लाखो रुपए का दांव लगाया जाता है। आसपास के वार्डो से भी लोग इस फड़ पर जुआ खेलने पहुंचते हैं। कार्रवाई के बावजूद अब भी जुआ जारी है।जुआ सट्टा के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।  जो आगे भी जारी रहेगी।

 

  1. भूषण एक्का – एसडीओपी बेमेतरा 

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